वित्त मंत्री ने पेश किया बजट जाने बजट में किसको क्या मिला खास ?
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दूसरे कार्यकाल का पहला बजट गुरुवार को विधानसभा में पेश कर दिया गया हैं । उत्तर प्रदेश के विकास के लिए वर्ष 2022-23 के लिए कुल 6 लाख 15 हजार 518 करोड़ का बजट पेश किया गया है। बजट में सभी वर्गों का बखूबी ध्यान रखा गया है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पेश किया। बजट पेश के दौरान उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार विकास के मार्ग पर बढ़ रही है। हमरी सरकार ने माफियाओं पर कार्रवाई की।
प्रदेश में विधि व्यवस्था का माहौल बनाया। प्रदेश में कानून व्यवस्था का राज स्थापित होने से अब उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2.5 लाख किसानों को किसान निधि की राशि का लाभ दिया गया है।
खन्ना ने कहा कि यूपी की जनता ने हमें दोबारा चुना हैं । इसके लिए हम प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हैं। उत्तर प्रदेश में जल्द ही 5 नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनकर तैयार हो जाएगा। ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश देश का यह पहला राज्य होगा।
बजट की बड़ी और मुख्य घोषणाएं
•वृद्धावस्था पेंशन 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये की गई है।
•बिजली में रीवैम्प के लिए 31 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
•14 मेडिकल कॉलेजों को 2100 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है।
•ग्रीन फील्ड और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
•मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे के लिए 695 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
•पीडब्लूडी की सड़कों के लिए 18500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान है।
•काशी विश्वनाथ राजघाट पुल के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया।
•प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के लिए 897 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
•बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर के किनारे विकास कार्य होंगे।
•बाढ़ नियंत्रण के लिए 2700 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
•नमामि गंगे में जल जीवन मिशन को 19,500 करोड़ रुपये से अधिक प्रस्तावित किया गया है।
बजट 2022-23 में चिकित्सा शिक्षा सेक्टर
●° चिकित्सा शिक्षा प्रदेश में उच्चकोटि की गुणवत्तापूर्ण एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा का विकास किये जाने के दिशा में हमारी सरकार द्वारा उल्लेखनीय प्रगति की गई है।
● राज्य सरकार के संकल्प के अनुरूप प्रदेश के सभी जनपदों में कम से कम एक मेडिकल कालेज स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है।
● वर्तमान में प्रदेश में 65 मेडिकल कालेज संचालित हैं , जिनमें 35 राज्य सरकार द्वारा एवं 30 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं।
● वर्तमान में 45 जनपद मेडिकल कालेज की सुविधा से आच्छादित हैं व 14 जनपदों में राज्य सरकार/केन्द्र सरकार द्वारा वित्त पोषित मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन है।
● प्रदेश में 02 एम्स ( गोरखपुर व रायबरेली), आईएमएस बीएचयू, वाराणसी तथा जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज अलीगढ़ संचालित है।
● प्रदेश के 16 असेवित जनपदों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हेतु राज्य सरकार द्वारा पीपीपी नीति घोषित की गयी है, जिसमें निजी निवेश के माध्यम से मेडिकल कॉलेज स्थापित किये जायेंगे।
● लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022 के अनुरूप एमबीबीएस एवं पी जी पाठ्यक्रमों में सीटों में वृद्धि हेतु 500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों के संचालन हेतु 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● नर्सिंग कॉलेज की स्थापना हेतु 25 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ की स्थापना हेतु 100 करोड़ 45 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● प्रदेश के 14 जनपदों – बिजनौर , कुशीनगर , सुल्तानपुर गोण्डा लखीमपुर खीरी , चन्दौली , बुलन्दशहर , सोनभद्र , पीलीभीत औरेया कानपुर देहात कौशाम्बी तथा अमेठी में निर्माणाधीन नये मेडिकल कॉलेजों के लिए 2100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● पण्डित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना हेतु 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
● प्रदेश की निर्धन आबादी को असाध्य रोगों की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराये जाने हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
इसी तरह की और जानकारी के लिए हमारे Facebook पेज को लाइक करें और Instagram, Twitter पे हमें फ़ॉलो करें। आप इस विषय में कोई भी जानकारी कॉमेंट्स के द्वारा हम तक पहुँचा सकते हैं। आप के सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं|