मुख्यमंत्री ने जीएमपी/जीएलपी (GMP/GLP) स्तर के टीका औषधि उत्पादन प्रयोगशाला का किया निरक्षण

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झारखंड में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान के निर्माणाधीन जीएमपी/जीएलपी (GMP/GLP) स्तर के टीका औषधि उत्पादन प्रयोगशाला का निरीक्षण किया।

उन्होंने प्रयोगशाला के प्रोडक्शन यूनिट तथा क्वालिटी कंट्रोल यूनिट के बन रहे भवन का बारीकी से मुआयना कर संबंधित अधिकारियों को कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पशुपालन विभाग की यह एक बेहद ही महत्वपूर्ण योजना है ।

यहां जानवरों और पक्षियों के लिए टीका का निर्माण होगा। सरकार शीघ्र इसे चालू करने के लिए प्रयासरत है । इस सिलसिले में विभागीय अधिकारियों से बहुत जल्द बैठक कर पूरी योजना की समीक्षा की जाएगी , ताकि यहां से टीका उत्पादन का कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ हो सके।

समय पर चालू करने के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि औषधि उत्पादन प्रयोगशाला 2014 की योजना है। इसके चालू होने में कब काफी विलंब हो चुका है ।

ऐसे में आज के हिसाब से इसमें काफी बदलाव की जरूरत महसूस हो रही है । इसे लेकर विस्तृत कार्य योजना बनाई जाएगी, ताकि निर्धारित समय के अंदर इसे चालू किया जा सके। इसमें जो भी अड़चन होगी, उसे बिना देर किए दूर किया जाएगा।

ज्यादा से ज्यादा उपयोगी बनाने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने टीका उत्पादन प्रयोगशाला के बन रहे भवन में कुछ बदलाव के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि यहां लिफ्ट और रैंप की भी व्यवस्था की जाएगी ताकि सामानों के परिवहन का कार्य सुगमता पूर्वक हो सके।

उन्होंने कहा कि इसे ज्यादा से ज्यादा उपयोगी बनाने की जरूरत है। आपको बता दें कि लगभग 28 करोड 69 लाख 90 हजार रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है।

हर साल एक करोड़ टीका का उत्पादन

पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रयोगशाला के भवन निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

अब उपकरणों को लगाने के लिए तैयारियां की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रयोगशाला में हर साल लगभग एक करोड़ टीका का उत्पादन होगा।

जहां पशु पक्षियों के लिए 6 तरह के टीका बनाए जाएंगे । इसमें गलघोटू (एच एस), बीक्यू, एंथ्रेक्स, स्वाइन फीवर और पोल्ट्री वैक्सीन (रानीखेत) शामिल है।

जैव विविधता उद्यान का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के जैव विविधता उद्यान का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने यहां ऑर्गेनिक फार्मिंग शुरू करने पर जोर दिया और कहा कि यहां से उत्पादित फसलों और वेजिटेबल्स के देश-विदेश में सप्लाई की भी व्यवस्था होनी चाहिए।

इसके साथ यहां रिटेल आउटलेट भी खोलने की योजना बनाई जाए, ताकि स्थानीय लोग इसका लाभ ले सके।

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