Cyber Threats Targeting the Global Education Sector: CloudSEK

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CloudSEK द्वारा प्रकाशित की गई रिपोर्ट ‘Cyber Threats Targeting the Global Education Sector’ के अनुसार शिक्षण संस्थानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (Online Platform) पर साइबर खतरे के लिहाज से भारत सबसे बड़ा लक्ष्य है।

पिछले कुछ वर्षों में Cyber Threat के मामलों में तीव्र गति से बढ़त दर्ज की गयी है।तेज़ी से हो रहे digitalisation के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर लोगों की बढ़ती संख्या के बीच जागरूकता में कमी इसके पीछे की बड़ी वजह मानी जा रही है। CloudSEK की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय Education System साइबर खतरे (Cyber Threat) के लिहाज से हाई रिस्क ज़ोन में है।

America, Britain, Indonesia और Brazil का स्थान भारत के बाद ही आता है. इस रिपोर्ट के मुताबिक विश्व में पिछले साल के मुकाबले Education System पर साइबर हमले बढ़े हैं।

क्या कहती है ‘Cyber Threats Targeting the Global Education Sector’ रिपोर्ट

CloudSEK के अनुसार पिछले साल एशिया-प्रशांत क्षेत्र में देखे गए साइबर खतरों में से 58 फीसदी भारतीय या IIT और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को टारगेट कर रहे थे। इसके बाद 10 फीसदी साइबर खतरों के टारगेट के साथ इंडोनेशिया दूसरे स्थान पर था। इसमें ऑनलाइन कोचिंग प्लेटफॉर्म Byzus, IIM Kozhikode और तमिलनाडु के Directorate Of Technical Education आदि पर हुए cyber हमले शामिल थे।

वहीं, America दुनिया भर में दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश था, जिसमें कुल 19 दर्ज घटनाएं थीं, जो उत्तरी अमेरिका में 86 प्रतिशत खतरों के लिए जिम्मेदार थीं। इनमें Harvard University और California University जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों पर ransomware हमले शामिल हैं। 

जनवरी-मार्च 2022 में Education System पर गहराया ख़तरा 

“Cyber Threats Targeting the Global Education Sector” शीर्षक से जारी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वैश्विक शिक्षा क्षेत्र पर वर्ष 2022 की पहली तिमाही में वर्ष 2021 के मुकाबले साइबर खतरा 20 फीसदी बढ़ गया है।

पिछले साल एशिया और प्रशांत क्षेत्र में पाए गए खतरों में से 58 प्रतिशत के निशाने पर भारतीय या भारत आधारित शैक्षणिक संस्थान और ऑनलाइन मंच थे। रिपोर्ट के मुताबिक इसमें बाइजूज, आईआईएम कोझीकोड और तमिलनाडु के तकनीकी शिक्षा निदेशालय पर किये गये हमले शामिल हैं. साइबर खतरे के 10 प्रतिशत लक्ष्य इंडोनेशिया में थे।

CloudSEK के अनुसार America दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश

कुल मिलाकर अमेरिका दुनियाभर में दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश था, जहां कुल 19 दर्ज घटनाएं दर्ज की गईं, जो उत्तरी अमेरिका में 86 प्रतिशत खतरों के लिए जिम्मेदार थीं। इनमें हार्वर्ड विश्वविद्यालय और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों पर रैमसमवेयर हमले शामिल हैं।

CloudSEK के Threat Research से जुड़े मुख्य शोधकर्ता दर्शित आशारा के मुताबिक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से बढ़ते वैश्विक शिक्षा और प्रशिक्षण बाजार के वर्ष 2025 तक 7.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

CloudSEK द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में यह साफ़ है कि कोविड-19 महामारी के दौरान Distance Education यानी दूरस्थ शिक्षा की स्वीकार्यता, शिक्षा के digitalisation और online education platform की पूर्व उपलब्धता cyber हमले के दायरे को बढ़ा देती है।

रिपोर्ट को सिंगापुर स्थित आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) संचालित डिजिटल जोखिम प्रबंधन company CloudSEK के Threat Research and Information Analysis Department द्वारा संकलित किया गया है।

Education Sector में Cyber Threat से बचने के उपाय

A. Data लीक होने से बचाना: संस्थानों, छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि एकत्रित और संग्रहित dat लीक ना हो और साइबर अपराधी इसका दुरुपयोग न कर सकें।

B. Cyber हमलों के बारे में उपयोगकर्ताओं को जागरूक करना: यह साइबर सुरक्षा के बारे में अंतिम उपयोगकर्ताओं की जागरूकता के लिए सुरक्षा सर्वोत्तम अभ्यास मार्गदर्शन प्रदान करके पूरा किया जा सकता है। छात्रों को सामान्य खतरों और उनसे बचने या कम करने के बारे में सिखाया जा सकता है।

C. पासवर्ड नीतियों को लागू करने और Multi Level Authorisation: अधिकांश प्रणालियाँ अपनी सेवाओं तक पहुँचने के लिए एकल और अद्वितीय सुरक्षा (Multi Level Authorisation) स्तर पर निर्भर करती हैं।

एक बार जब उपयोगकर्ता प्रमाणित हो जाता है, तो वह किसी भी सेवा का उपयोग कर सकता है जिसे वह अधिकृत करता है, भले ही वह सेवा कोई निजी या संवेदनशील डेटा प्रदान करती हो जिसके लिए उपयोगकर्ता के अधिक मजबूत पहचान सत्यापन की आवश्यकता होती है।

D. अवैध IP Address को पहचानें: अवैध IP Address को पहचानने का काम सरकार का होता है। सरकारी अजेंसीयों द्वारा कई नक़ली और अवैध IP address पर आए दिन कारवाई होती रहती है

E. मज़बूत Password बनना

मज़बूत पासवर्ड (strong password) वो होते है जिन्हें नंबर long words, code, tricks, alphanumeric, स्पेशल शब्दों से जोड़कर बनाया गया हो।

इस टाइप के पासवर्ड को हैकर आसानी से हैक नहीं कर पाते है क्योंकि कोई भी हैकर आपके पासवर्ड डायरेक्ट हैक नहीं कर सकता, यदि आपने किसी फ़ेक साईट पर अपने पासवर्ड से लॉग इन नहीं किया हो तो, फ़ेक साईट आपकी गतिविधि से आपके पासवर्ड का पता लगा लेते है जिसके सहारे वे कई दिनों तक आपकी गतिविधि पर नजर रखते हैं।

F. हमेशा https URL वाली website का इस्तेमाल करना

Https हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल सिक्योर के लिए खड़ा है और SSL सुरक्षा प्रमाणपत्र का उपयोग करता है। यह प्रमाणपत्र वेबसाइट और उसके आगंतुकों के बीच संचार को एन्क्रिप्ट करता है।

इसका मतलब है कि आपके द्वारा वेबसाइट पर दर्ज की गई जानकारी को सुरक्षित रूप से संसाधित किया जाता है, ताकि साइबर अपराधी डेटा को इंटरसेप्ट न कर सकें।

2025 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर होगी Education Sector की क़ीमत 

CloudSEK के Principal Threat Reasercher दर्शित आशरा के अनुसार, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से बढ़ते वैश्विक शिक्षा और प्रशिक्षण बाजार के 2025 तक 7.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, यह आशाजनक दृष्टिकोण शिक्षा प्रौद्योगिकी बाजार के विस्तार, जनसंख्या वृद्धि और विकासशील देशों में बढ़ती डिजिटल तकनीक पर आधारित है। इसलिए, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि cyber अपराधी इस क्षेत्र में संस्थानों को टारगेट करने की ओर बढ़ रहे हैं।

क्या है CloudSEK?

सिंगापुर स्थित CloudSEK एक प्रासंगिक AI कंपनी है जो साइबर खतरों के होने से पहले ही भविष्यवाणी कर देती है। हम अपने ग्राहक के डिजिटल जोखिमों को संदर्भ प्रदान करने के लिए Cyber Crime Monitoring, Brand Monitoring, Attack Surface Monitoring और Supply Chain Intelligence की शक्ति को मिलाते हैं।

CloudSEK का एकीकृत डैशबोर्ड ग्राहकों को एक ही स्थान पर सभी डिजिटल खतरों का परीक्षण और कल्पना करने की अनुमति देता है।

CloudSEK पहचाने गए खतरों के प्रबंधन और उपचार के लिए कार्यप्रवाह और एकीकरण भी प्रदान करते हैं।CloudSEK का XVigil प्लेटफॉर्म साइबर खतरों, डेटा लीक, ब्रांड खतरों और पहचान की चोरी का पता लगाने के लिए हजारों स्रोतों का विश्लेषण करता है।

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