अब CUCET के माध्यम से होगा UG में दाख़िला 

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देशभर की सभी 45 Central Universities में UG Courses में admission के  अब Common University Entrance Test (CUCET) देना अनिवार्य होगा।

UGC का कहना है कि इन यूनिवर्सिटी में UG एडमिशन सिर्फ CUCET के आधार पर होंगे। वहीं, जो स्टेट यूनिवर्सिटी या प्राइवेट यूनिवर्सिटी CUCET को अपनाना चाहते हैं, वे इस एंट्रेंस टेस्ट के स्कोर के साथ साथ 12वीं के अंकों को भी आधार बना सकते हैं।

सोमवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) के चेयरपर्सन प्रो एम जगदीश कुमार ने कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत देशभर की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में CUCET के आधार पर ही UG एडमिशन होंगे।

Syllabus कहाँ से आएगा?

अकैडमिक सेशन 2022-23 के लिए CUCET का नोटिफिकेशन यूजीसी ने सोमवार रात को जारी किया। नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की वेबसाइट में विस्तार से जानकारी मिलेगी और जल्द ही टेस्ट का शेड्यूल जारी होगा।यह परीक्षा 12वीं के NCERT के सिलेबस के आधारित होगी।

PG और PhD कोर्सेज में एडमिशन के लिए CUCET पर फैसला लेने की छूट सभी यूनिवर्सिटी को होंगी।

एंट्रेंस टेस्ट सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेज को कॉमन प्लैटफॉर्म देगा और अलग अलग बोर्ड के स्टूडेंट्स को बराबरी का अवसर देगा, खासतौर पर नॉर्थ ईस्ट, ग्रामीण और रिमोट एरिया से हैं। उन्होंने कहा, CUCET पैरंट्स और स्टूडेंट्स का आर्थिक बोझ भी कम करेगा क्योंकि स्टूडेंट्स को कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की वजह से UG और PG एडमिशन के लिए कई एंट्रेंस एग्जाम नहीं देने होंगे।

PG, PhD के लिए जरूरी नहीं

यूजीसी चेयरपर्सन प्रो जगदीश कुमार ने बताया कि सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में यूजी एडमिशन के लिए CUCET जरूरी होगा और सिर्फ इसी के स्कोर पर एडमिशन होंगे।

उन्होंने बताया कि अगर स्टेट यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी और प्राइवेट यूनिवर्सिटी भी CUCET के स्कोर के आधार पर एडमिशन करना चाहती हैं, तो वे कर सकती है और इसके लिए वे चाहें तो क्लास 12 के स्कोर को भी वेटेज दे सकती हैं।

एडमिशन के लिए सेंट्रल काउंसलिंग नहीं होगी, बल्कि यूनिवर्सिटी खुद काउंसलिंग करेंगी और 12वीं में न्यूनतम अंकों की एलिजिबिलिटी भी खुद तय कर सकती हैं। NTA मेरिट लिस्ट जारी करेगी।

उन्होंने बताया कि कई यूनिवर्सिटी पीजी एडमिशन के लिए भी CUCET स्कोर को अपनाना चाहते हैं, हमें उम्मीद है कि बाद में सभी इसी के आधार पर एडमिशन करेंगी। अभी पीजी और पीएचडी के लिए CUCET जरूरी नहीं है।

किस तरह होगा परीक्षा का कार्यान्वयन?

CUCET सेक्शन 1 ए में बंगाली, असमी, इंग्लिश, उर्दू, गुजराती, उड़िया, पंजाबी, मराठी, तमिल, तेलगु समेत 23 भाषाओं में रखा जाएगा। एक भाषा में टेस्ट जरूरी होगा।

वहीं, सेक्शन 1 बी में अडिशनल लैंग्वेज का ऑप्शन मिलेगा जिसमें 19 भाषाएं होंगी जैसे फ्रेंच, इटैलियन, नेपाली, जर्मन, अरबी, मैथली, मणिपुरी, रशियन, चाइनीज, कोंकणी।

प्रो जगदीश ने बताया, सेक्शन 2 में 27 डोमेन सब्जेक्ट रखे गए हैं, इनमें से 6 डोमेन सब्जेक्ट में वे टेस्ट दे सकेंगे जैसे, अकाउंटेंसी, कंप्यूटर एकाउंटिंग, बायलॉजी, बायोटेक्नॉजी, जियोग्राफी, लीगल स्टडीज, फिजिकल एजुकेशन, फिजिक्स, फाइन आर्ट्स, विजुअल आर्ट्स। सेक्शन 3 में जनरल टेस्ट जरूरी होगा।

स्टूडेंट्स के लिए दो शिफ्ट में एंट्रेंस एग्जाम रखे जाएंगे। पहली शिफ्ट में सेक्शन 1 ए और 27 में से 2 डोमेन सब्जेक्ट और एक जनरल टेस्ट भी दे सकेंगे। दूसरी शिफ्ट में अगर स्टूडेंट चाहे तो चार डोमेन सब्जेक्ट दे सकते हैं और एक लैंग्वेज टेस्ट दे सकेंगे।

विद्यार्थियों में सीटों को लेकर ख़त्म होंगी आशंकाएँ?

ऊंची कटऑफ की समस्या दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में खास तौर पर देखी जाती है। कॉलेजों की ऊंची कटऑफ लाइन 2021 में भी रेकॉर्ड तोड़ती नजर आई, जबकि उस दौरान कोरोना महामारी से उपजे हालात के चलते स्कूल ज्यादातर बंद ही रहे।

डीयू के सात कॉलेजों ने दस कोर्सों के लिए इस साल भी पहली कटऑफ लिस्ट 100 फीसदी नंबर की घोषित की थी। विभिन्न राज्यों के शिक्षा बोर्डों की अलग-अलग मूल्यांकन पद्धतियों के मद्देनजर देश के अलग-अलग हिस्सों के स्टूडेंट्स के लिए यह व्यवस्था असंगत साबित हो रही थी। नई व्यवस्था इस विसंगति को दूर करेगी। 

हालांकि एक झटके में जिस तरह से 12वीं की मार्क्सशीट को सब कुछ मानने वाली व्यवस्था की जगह उसे कुछ नहीं मानने वाली व्यवस्था लागू की जा रही है, उससे शुरू में कुछ दिक्कतें महसूस हो सकती हैं। 12वीं के बहुत से स्टूडेंट्स इसे लेकर आशंकित भी हैं।

ध्यान रहे कि इसी साल सीबीएसई बोर्ड परीक्षा को दो अलग-अलग टर्मों में बांटा गया। यही नहीं, पहले टर्म के नंबर तब आए जब दूसरे टर्म की परीक्षाएं सिर पर आ चुकी थीं।

इसके अलावा सीयूईटी परीक्षा के लिए आवेदन अप्रैल में मंगवाए जाएंगे और परीक्षा जुलाई में आयोजित की जानी है। जाहिर है, तैयारी के लिए ज्यादा वक्त नहीं होगा। कम से कम इस बैच के स्टूडेंट्स के लिए यह सब खासा तनाव पैदा करने वाला साबित हो सकता है। 

बावजूद इसके, पुरानी व्यवस्था का खात्मा जरूरी था। अब नई व्यवस्था से पैदा होने वाली शुरुआती असुविधाओं के हल खोजे जाएं और यह भी याद रखा जाए कि नई व्यवस्था भी सभी समस्याओं का हल नहीं है।

इसके जरिए देश भर के स्टूडेंट्स की क्वॉलिटी एजुकेशन तक पहुंच को आसान बनाने की कोशिश की गई है, पर स्टूडेंट्स की संख्या और सीटों के अनुपात को बदलने का कोई प्रयास नहीं किया गया है।

इसका मतलब यह हुआ कि डीयू जैसी यूनिवर्सिटी में सीटों की संख्या प्रवेश के इच्छुक स्टूडेंट्स के मुकाबले कम ही पड़ने वाली है। यह एक बड़ी और जटिल समस्या है। जाहिर है, इसके लिए बड़े सुधार की जरूरत है।

क्या Reservation Policy में आएगा कोई बदलाव?

CUCET रिजर्वेशन पॉलिसी को प्रभावित नहीं करेगा। उदाहरण के लिए अगर कोई यूनिवर्सिटी लोकल स्टूडेंट्स के लिए कुछ सीटें रिजर्व रखती है, तो वो अब भी रहेंगी, बस उन सीटों के लिए भी CUCET स्कोर के आधार पर एडमिशन होगा।

साथ ही, इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए भी CUCET स्कोर मंजूर किया जाएगा और पहले की तरह अतिरिक्त सीटों (सुपरन्यूमरेरी सीटों) पर इनका एडमिशन होगा।

UGC चेयरपर्सन ने बताया कि स्किल पर आधारित और प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए परफॉर्मिंग आर्ट्स जैसे थिएटर, म्यूजिक, आर्ट के लिए यूनिवर्सिटी CUCET के साथ साथ प्रैक्टिकल एग्जाम ले सकती है। 

CUCET 2022 Important Dates 

  1. CUCET 2022 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू- 6 अप्रैल 2022
  2. CUCET 2022 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट- 6 मई 2022
  3. CUCET 2022 परीक्षा- जुलाई के पहले या दूसरे सप्ताह में

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