मुख्यमंत्री के नाम से ‘योगी’ शब्द हटाने को लेकर दी गई थी याचिका, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर लगाया 1 लाख का जुर्माना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर इलाहबाद हाइकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका में सुबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को अपने नाम के साथ योगी शब्द प्रयोग करने से रोक लगाने की मांग की गई थी|
पर मामले में दाखिल याचिकर्ता को सोमवार को इलाहबाद उच्च न्यायलय ने याचीकर्ता पर हर्जाना लगाते हुए याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।
योगी शब्द हटाने की लेकर याचिका
दरअसल, याचिका में कहा गया था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साल 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में जीतने के बाद उन्होंने आदित्यनाथ नाम से शपथ ग्रहण किया था|
उन्होंने अपने नाम के आगे योगी शब्द उसी तरह जोड़ दिया जैसे कई नामों के पहले डॉक्टर और इंजिनियर जोड़ दिया जाता है।
यह याचिका मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल एवं न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत की गई थी।
हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर लगाया जुर्माना
इस याचिका को इलाहबाद हाईकोर्ट की दो जजों की पीठ ने ना केवल खारिज कर दिया बल्कि हर्जाने के रूप में याचिकाकर्ता से 1 लाख रुपए वसूलने का भी आदेश दिया।
याचिकर्ता को मुख्यमंत्री के नाम में योगी शब्द को लेकर आपत्ति थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया और याचीकर्ता को 45 दिनों के भीतर 1 लाख रुपए का हर्जाना भरने का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश के मुताबिक जुर्माने की राशि विकलांग केंद्र को दी जाएगी|
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