Infosys ने Russia को कहा अलविदा
Russia-Ukraine युद्ध के बाद बढ़ते वैश्विक दबाब के कारण भारतीय आईटी दिग्गज कंपनी Infosys ने रूस में कारोबार समेटने का ऐलान किया है।
इसके साथ Infosys उन कंपनियों की सूची में शामिल हो गयी है जो Ukraine पर Russia के हमले के बाद वहां अपना कारोबार बंद कर रही है।
क्या कहा Infosys ने इस बारे में
कंपनी के चौथे तिमाही के नतीजों को जारी करते हुए CEO और MD सलिल पारेख ने कहा कि “फिलहाल हम किसी भी रुसी ग्राहक के साथ कार्य नहीं कर रहे हैं।
रूस में हम जो काम करते है। वह हमारे वैश्विक ग्राहकों के लिए है जिनका संचालन रूस से होता है।
रूस में हमारे पास 100 से भी कम कर्मचारी है। हमने अपने ग्राहकों के साथ काम करते हुए, वहां से निकलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे इन्फोसिस के कारोबार पर कोई प्रभाव नहीं होगा”
क्यों इनफ़ोसिस ने उठाया यह कदम
बता दें कि रूस के साथ भारत के संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। भारत ने अभी तक रूस और यूक्रेन युद्ध में रूस के खिलाफ कुछ भी नहीं बोला है. इस वजह से अमेरिका औऱ अन्य देश भारत पर दबाव भी डाल रहे हैं।
यही नहीं रूस ने भारत को कम दाम पर कच्चे तेल का ऑफर दिया था, जिसे भारत ने स्वीकार किया था। इसे लेकर भी दबाव बनाया गया, लेकिन भारत नहीं झुका।
अब सवाल उठता है कि अचानक फिर एक कंपनी इस तरह क्यों अपना कारोबार समेटकर बाहर आ रही है। इसके पीछे कंपनी का ब्रिटेन कनेक्शन है, जिसने कंपनी को यह कदम उठाने को मजबूर किया है।
बेटी और दामाद पर उठ रहे थे सवाल
दरअसल, Infosys के इस फैसले के पीछे एक बड़ी वजह कंपनी के संस्थापक एन नारायण मूर्ति के दामाद और उनकी बेटी को लेकर ब्रिटेन में उठ रहे सवाल हैं।
नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सनक ब्रिटेन के वित्त मंत्री हैं। ऋषि सनक की पत्नी और नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति की इन्फोसिस में करीब 1 बिलियन डॉलर की हिस्सेदारी है।
ब्रिटिश वित्तमंत्री ऋषि सनक पर पत्नी अक्षता मूर्ति की इन्फोसिस में हिस्सेदारी के जरिये रूस से आर्थिक लाभ कमाने के आरोप लग रहे हैं। विपक्षी दल उनसे इस्तीफा मांग रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस विवाद को खत्म करने के लिए कंपनी ने यह कदम उठाया है।
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