भारत के रईस Migration में सबसे आगे
पिछले वर्ष अमीर भारतीयों द्वारा दूसरे देशों में नागरिकता के लिए निवेश वाली Scheme के लिए सबसे ज्यादा पूछताछ की गयी।
‘निवेश के जरिये विदेशी नागरिकता’ (Citizenship through investment) या रिहाइश पाने में मदद करने वाली ग्लोबल एजेंसी Henley and Partners के मुताबिक पिछले साल उसेके पास 2019 से काफी ज्यादा enquiry आयी हैं।
कोविड-19 और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अमेरिका से इतनी ज्यादा इनक्वायरी आयी कि वह दूसरे नंबर पर आ गया जबकि 2019 में वह छठे नंबर पर था।
Migration में आगे हैं भारत के लोग
वेल्थ इंटेलीजेंस फर्म न्यू वर्ल्ड वेल्थ (New World Wealth) द्वारा जारी Global Wealth Migration Review के मुताबिक, विदेश में बसने वाले करोड़पतियों का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा भारतीयों का है।
लगभग 7,000 भारतीय रईसों ने 2019 में देश छोड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2019 तक करीब 35,000 भारतीयों ने दूसरे देशों की नागरिकता ली है. धनी भारतीय देश छोड़ने में China और France के लोगों से भी आगे हैं।
Canada, Portugal, Austria, Malta और Turkey हैं Top Destination
निवेश के जरिये नागरिकता वाली योजना में जिन देशों के लिए सबसे ज्यादा इनक्वायरी आयी, उनमें कनाडा, पुर्तगाल, ऑस्ट्रिया, माल्टा, टर्की टॉप पर रहे।
अमेरिका, कनाड़ा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया हमेशा से भारतीयों के पसंदीदा रहे हैं. सबसे ज्यादा इनक्वायरी कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के लिए आयी, लेकिन इस स्कीम में प्रोसेसिंग में ज्यादा वक्त व ज्यादा निवेश लगने लगा है।
रईस कारोबारी NRI चाहते हैं नागरिकता
NRI नागरिकता चाहते हैं जबकि विदेश में कारोबार करने वाले रईसों की दिलचस्पी खासतौर पर यूरोपियन यूनियन की रिहाइश में होती है। यूरोपियन सिटीजनशिप प्रोग्राम एनआरआइ के बीच लोकप्रिय है, जबकि कारोबारी रईसों को पुर्तगाल गोल्डन रेजिडेंस परमिट प्रोग्राम पसंद है।
घोटालेबाजों की पसंद कैरिबियाई देश चोकसी है Antigua का नागरिक
डोमिनिका, सेंट लूसिया, एंटिगुआ, माल्टा, साइप्रस और ग्रेनाडा जैसे देश घोटाला करने वालों के लिए स्वर्ग हैं।यहां नागरिकता के लिए तीन से छह महीने का समय व एक से 24 लाख डॉलर का खर्च आता है।
पीएनबी घोटाले में शामिल मेहुल चोकसी ने भारत से फरार होने के बाद चोकसी ने एक लाख डॉलर का निवेश कर एंटीगुआ-बरबुडा की नागरिकता हासिल कर ली थी।
कैरिबियाई देशों के पासपोर्ट से 120 देशों में बिना Visa यात्रा की सुविधा
भारतीयों के लिए सबसे पसंदीदा जगह कैरिबिया के देश है। यहां का पासपोर्ट लेने के लिए सबसे कम पैसा खर्च करना होता है. बड़ी बात यह है कि इन देशों के पासपोर्ट से 120 देशों में बिना Visa के यात्रा की जा सकती है।
इन देशों में चीन, यूके, सिंगापुर, हांगकांग जैसे देश शामिल हैं। इन देशों का पासपोर्ट लेने के लिए लोगों को केवल सरकारी फंड अथवा रियल एस्टेट में निवेश करना होगा। यह योजना कैरिबियाई देशों में विदेशी लोगों के बसने के लिए काफी लाभदायक है।
अमीर क्यों छोड़ रहे हैं देश, पता लगाने के लिए CBDT ने बनायी है समिति
CBDT ने एक समिति बनायी है। इस समिति को यह पता लगाने के लिए बनाया गया है कि टैक्स संबंधी किन मसलों की वजह से अमीर लोग देश छोड़कर दूसरे देशों में जाकर बस रहे हैं।
यह समिति नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के Promoter मेहुल चोकसी के देश से भागने संबंधी बातों का भी ध्यान रखेगी। इससे पहले बैंकों का पैसा लौटाने से बचने के लिए शराब कारोबारी विजय माल्या देश से भाग गये थे।
CBDT क्या है?
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग का एक हिस्सा है। CBDT भारत में प्रत्यक्ष करों की नीति और नियोजन के लिए आवश्यक इनपुट प्रदान करता है, साथ ही यह आयकर विभाग के माध्यम से प्रत्यक्ष कर कानूनों के प्रशासन के लिए भी जिम्मेदार है।
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