अमित शाह ने गुजरात के नडाबेट में किया ‘Viewpoint’ का उद्घाटन
प्रोजेक्ट सीमा दर्शन के तहत गुजरात के बनासकांठा स्थित नाडा बेट में वाघा बॉर्डर के समान बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी होगी।
नाडा बेट में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर व्यू पाइंट का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को उद्घाटन किया।
शाह ने कहा कि अगले दस साल में यहां यहां के लगभग पांच लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
शाह ने कहा कि 125 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के जरिए लोग सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों की जीवनशैली से रू-ब-रू हो सकेंगे।
अमित शाह ने देखा म्यूजियम
अमित शाह ने कहा कि पूरा देश सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पर गर्व करता है। नडाबेट पर आने वाले पर्यटकों को बीएसएफ जवानों से संवाद करने, उनके जीवन व बहादुरी को नजदीक से देखने का मौका मिलेगा।
वाघा बार्डर की तरह यहां भी बीएसएफ की बीटिंग द रिट्रीट देखने को मिलेगी। सीमा दर्शन प्रोजेक्ट के तहत भारत-पाकिस्तान सीमा को करीब से देखने, बीएसएफ गैलरी में जवानों की गौरव गाथा को जानने का मौका मिलेगा।
अमित शाह ने यहां बीएसएफ अधिकारियों से कई मुद्दों पर चर्चा की तथा बीएसएफ जवानों की शहादत व बहादुरी को दर्शाने वाली सरहद गाथा, बीएसएफ बैरक व म्यूजियम को देखा।
शहीदों की स्मृति में अजय प्रहरी स्मारक
नाडा बेट में शहीदों की स्मृति में अजय प्रहरी स्मारक भी बनाया गया है। नाडा बेट में प्लाजा, लॉन्ज, 500 लोगों के बैठने की क्षमता वाला ऑडिटोरियम और रेस्त्रां भी हैं।
यहां सरहद गाथा नामक एक प्रदर्शनी स्थल भी बनाया गया है, जहां लोग बीएसएफ के जवानों के शौर्य की गाथाएं देख सकेंगे। सेना और बीएसएफ के हथियारों को भी प्रदर्शित किया गया है।
जानें इसकी खूबियां
1. नडाबेट सीमादर्शन हमारे वीरों की कहानियों को एक बार फिर हमारे सामने रखेगा।
2. यह यात्रियों को भारत-पाक की सीमा पर एक सैन्य चौकी के कामकाज को देखने का अवसर प्रदान करता है.
3. विदेशी पक्षियों और वाच टावर से सूर्यास्त का भी लुफ्त उठा सकेंगे
4. हथियार प्रदर्शन और फोटो गैलरी में बंदूकें, टैंक और अन्य परिष्कृत उपकरणों की प्रदर्शनी
5. ऊंटों का शो प्रस्तुत किया जाएगा
6. यहां टूरिस्टों द्वारा अलग-अलग गतिविधियां की जा सकती हैं। जैसे कि यहां टी-जंक्शन है, जोकि सीमा दर्शन का प्रारंभिक बिंदु है।
7. इसमें अजय प्रहार स्मारक सहित 10 से अधिक विभिन्न गतिविधियां हैं, जो रक्षा की पहली पंक्ति को श्रद्धांजलि है।
8. इसके अलावा यहां नाम, नमक, निशान के नाम से आर्ट गैलरी है। इसमें 100 तरह की प्रदर्शनी हैं। ऑडियो-विसुअल एक्स्पेरिंस जोन में विसिटर्स 1971 के भारत-पाक युद्ध के गौरवशाली अतीत की एक शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री देख सकते हैं।
9. इसके अलावा यहां नाम, नमक, निशान के नाम से आर्ट गैलरी है। इसमें 100 तरह की प्रदर्शनी हैं। ऑडियो-विसुअल एक्स्पेरिंस जोन में विसिटर्स 1971 के भारत-पाक युद्ध के गौरवशाली अतीत की एक शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री देख सकते हैं।
10. इसके अलावा यहां बीएसएफ को समर्पित एक संग्रहालय भी है, जहां मिग -27 लड़ाकू विमान और बीएसएफ स्तंभ है। इसके साथ सेल्फी भी ली जा सकती है।
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