Putin ने Russians को भारत जाने की दी सलाह 

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Ukraine से जंग के बीच Russia के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भारत के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और दोनो देशों के बीच अच्छे रिश्तों के लिए अहम कदम उठाए गए।

भारत साबित होगा मददगार 

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi) ने शांति प्रयासों में किसी भी तरह से योगदान करने के लिए भारत की तत्परता से अवगत कराया.

वहीं, रूसी विदेश मंत्री (Russian Foreign Minister) ने दिसंबर 2021 में आयोजित भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान लिए गए निर्णयों की प्रगति पर प्रधानमंत्री को अपडेट दिया.

Ruble-Rupee Mechanism पे होगा काम 

युद्ध के कारण यूक्रेन से आपूर्ति बंद होने के बाद भारत ने रूस से रिकॉर्ड महंगे दाम पर सूरजमुखी तेल खरीदने का कॉन्ट्रेक्ट भी किया है.

इसने मास्को की निंदा करने वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों से परहेज किया है और अपने पुराने और विषम परिस्थियों वाले मित्र और हथियारों के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता से रूसी तेल खरीदना जारी रखा है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत और रूस व्यापार को सुविधाजनक बनाने और रूसी बैंकों पर पश्चिमी प्रतिबंधों को दूर करने के लिए एक रुपया-रूबल मैकेनिज्म पर काम कर रहे हैं.

Russia भारत को देगा tourism की सौग़ात 

Russia-Ukraine युद्ध के बीच कई देशों के साथ Russia के अच्छे रिश्ते ख़त्म हो गए हैं। हाल ही में Russia ने 52 देशों की एक सूची जारी की है जहां की हवाई सेवा शुरू की जा चुकी हैं।

इसके साथ ही भारत से बढ़ते रिश्तों को नज़र में रखते हुए अपने नागरिकों को अन्य देशों के बजाय भारत भ्रमण के लिए प्रोत्साहित किया है।

एक तरफ़ जहां Russia भारत को कम दरों पर तेल और अन्य ज़रूरी वस्तुएँ प्रदान कर रहा है वहीं अपने नागरिकों को  भ्रमण के लिए European countries के बजाय भारत जाने की सलाह दी है।

Russia का यह कदम भारत की Tourism Industry के लिए फ़ायदेमंद साबित हो सकता है। एक अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि भारत को Russia के इस फ़ैसले से भरपूर फ़ायदा होगा अगर भारत Russian यात्रीयों को लुभाने में सफल रहता है। 

रूस की गुज़ारिश 

इकोनॉमिक टाइम्स अखबार के अनुसार, रूस ने भारत के रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर पिछले महीने से रुके हुए 1.3 बिलियन डॉलर के पेमेंट को लेकर गुजारिश की है.

सिंगापुर में ऑयल मार्केट एनालिस्ट वांडा इनसाइट्स की संस्थापक वंदना हरि ने कहा, ‘भारत में रूसी तेल की खपत कई सालों से बहुत कम होती जा रही है तो रिफाइनरियों को बड़ी मात्रा में रूसी तेल खरीदने के लिए कॉन्फिगर नहीं किया गया है.’

जयशंकर ने की विरोधियों की आलोचना 

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने पर उठाई जा रही चिंताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘यह इस मुद्दे पर एक अभियान की तरह है’. भारत की स्थिति का बचाव करते हुए,

जयशंकर ने कहा, ‘जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो देशों के लिए बाजार में जाना स्वाभाविक है और यह देखना कि उनके लोगों के लिए अच्छे सौदे क्या हैं.

मुझे पूरा यकीन है कि अगर हम दो या तीन महीने इंतजार करें और वास्तव में देखें कि रूसी गैस और तेल के बड़े खरीदार कौन हैं, तो मुझे शक है कि लिस्ट पहले की तुलना में बहुत अलग नहीं होगी.’

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